Ayurvedic Tips for Weight Loss in Hindi

वज़न घटाने के ३० आयुर्वेदिक उपाय – 30 Ayurvedic Tips for Weight Loss in Hindi

आयुर्वेद में हर बीमारी का इलाज़ है, यह तो आपने सुना ही होगा। इसीलिए तो हम आयुर्वेद पर इतना भरोसा करते हैं। यह बीमारियों को धीरे-धीरे, लेकिन हमेशा के लिए ख़त्म कर देता है। सबसे अच्छी बात यह है कि आयुर्वेदिक उपायों को अपनाना बहुत ही सरल है।

आज के समय की सबसे अधिक पायी जाने वाली बीमारी मोटापा है। यदि आप भी मोटे होने से परेशान हैं, तो आयुर्वेदिक उपाय अपनाने से आपकी परेशानियां ख़त्म हो सकती हैं। कैसे? बहुत ही सरल है! आपको बस वज़न घटाने के ३० आयुर्वेदिक उपाय (Ayurvedic Tips for Weight Loss in Hindi) अपनाने होंगे।

यह हैं 30 Ayurvedic Tips for Weight Loss in Hindi:

  1. भोजन शैली

खाना हमारे शरीर के लिए ईंधन की तरह कार्य करता है। अच्छा, सही मात्रा में, और सही समय पर मिलने वाला ईंधन जिस प्रकार मशीन को दुरुस्त रखता है, उसी प्रकार अच्छा, सही मात्रा में, और सही समय पर मिलने वाला भोजन हमारे शरीर दुरुस्त रखता है। तो खाने को आयुर्वेदिक नियमों के अनुसार लें –

  • ब्रेकफास्ट या नाश्ता – 7:30 से 9:00 बजे के बीच (मध्यम मात्रा और सर्वाधिक आवश्यक)
  • लंच या भोजन – 12:00 से 2:00 बजे के बीच (प्रचुर मात्रा में, जिसे आप हैवी मील भी कह सकते हैं)
  • डिनर या रात्रिभोज – 6:30 से 8:00 बजे के बीच (सबसे कम या लाइट मील)
  1. मिश्री

मिश्री, मोटी सौंफ और सूखा धनिया – ये तीनों चीजें बराबर मात्रा में मिलाकर कर पीस लें। रोज़ सुबह एक चम्मच खाली पेट व हमेशा खाना खाने के बाद इसको लें। इससे पाचन की क्रिया सुगम होती है और चर्बी जल्द ही कम होने लगती है।

  1. चूना

15 ग्राम चूना को पीस लें और 250 ग्राम देसी घी में इसे अच्छे से मिला लें। इस मिश्रण को कपड़े से छानकर रख लें, फिर सुबह और शाम 6-6 ग्राम इसका सेवन करें। इससे आपका मोटापा कम हो जाएगा। ध्यान रखें कि इसका सेवन ज्यादा मात्रा में न करें, वरना ये नुकसान भी पहुंचा सकता है।

  1. सहजन

सहजन या सहिजन या सैजना – इस फली वाले पेड़ को आप जिस भी नाम से जानते हों – यह और जान लें कि इसके पास आपके मोटापे का उपयुक्त आयुर्वेदिक इलाज है। सहजन के पेड़ के पत्ते का रस निकालें, और रोजाना उसका 3 चम्मच सेवन करें। इससे आपकी चर्बी और त्वचा का ढीलापन कम होगा। इसकी फली और पत्तों दोनों की सब्जी खाने से भी समान लाभ होता है (और यह काफी स्वादिष्ट भी होता है)।

  1. खाना खा कर टहल लें।

आयुर्वेद के अनुसार भोजन पचाने के सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप खाना खा कर आराम करने की जगह थोड़ा टहल लें। इससे खाना पच जाएगा और चर्बी नहीं बढ़ेगी। साथ ही इससे आपका वज़न घटना भी शुरू हो जाएगा।

  1. सोने और जगने का समय

आयुर्वेद के अनुसार, आपकी दिनचर्या तथा सोने व जगने का समय भी आपके वज़न पर असर डालते हैं। सोने से दो घंटे पहले सभी डिजिटल स्क्रीन्स जैसे टीवी, मोबाइल, कंप्यूटर और लैपटॉप इत्यादि से दूरी बना लें। कोशिश करें कि आप जल्दी सोएं और जल्दी जगें। 8 घंटे की पूरी नींद लें।

  1. मुँह की स्वच्छता का ध्यान रखें।

आयुर्वेद कहता है कि मुँह, और उससे भी ज्यादा जीभ की सफाई, बहुत ही जरूरी है। रात भर में हमारी जीभ पर असंख्य कीटाणु जमा हो जाते हैं। यदि हम बिना ब्रुश और टंगक्लीनिंग के ही खाना शुरू कर देंगे तो यह कीटाणु अंदर जा कर हमारे पाचन तंत्र और प्रतिरोधक क्षमता को नुकसान पहुंचाएंगे।

  1. मालिश (अभ्यंग या तेल मसाज़)

तेल से मालिश करना, जिसे आयुर्वेद की भाषा में अभ्यंग कहा जाता है, भी तनाव कम करने में लाभदायक है। जैसा कि आप जानते हैं – तनाव मोटापे का एक मुख्य कारण है। तो कारण ही नहीं रहेगा तो बीमारी के रहने का तो सवाल ही नहीं उठता। साथ ही मालिश से रक्तचाप और मानसिक स्वास्थ भी ठीक होता है।

  1. नाक (नासिका छिद्रों) में हर्बल आयल लगाएं

जुकाम, यदि लगातार बना रहे, तो मोटापे को न्यौता देता है। अगर आपके साथ ऐसा है तो इसका आयुर्वेदिक और सरल उपाय यह है कि आप रोज नासिका छिद्रों में हर्बल ऑयल लगाएं। इससे आपको सांस लेने में कोई रूकावट नहीं होगी और जुकाम भी नहीं होगा। पूरे शरीर में जब समान रूप से ऑक्सीजन का संचालन होगा तो आप स्वस्थ रहेंगे और मोटापा स्वतः ही कम हो जाएगा।

  1. सभी छः प्रकार के स्वाद भोजन में शामिल करें

भारतीय पद्धति या आयुर्वेद के अनुसार स्वाद तीन नहीं बल्कि छः तरीके के होते हैं – मीठा, खट्टा, कड़वा, कसैला, तीखा और नमकीन। अगर आप इनमें से किसी एक तो भी कम या अधिक मात्रा में लेते हैं तो शरीर में डिस्बैलेंस की स्तिथि बन जाती है और आपका वज़न बढ़ते लगता है। इससे बचने के लिए, सभी स्वाद बराबर मात्रा में खाइये।

  1. कफ़ को शांत करने वाला भोजन लें

कफ़ की अधिकता से वज़न बढ़ता है। तो ऐसी चीजें खाइये जिनसे कफ़ कम होता हो। सेब, अखरोट, सूखी अंजीर,  अंगूर, किशमिश, नाशपाती, अनार और स्ट्रॉबेरी ऐसे कुछ फायदेमंद भोज्य पदार्थ हैं।

  1. सुबह जग कर मुँह और आँखें अच्छे से धोएं

आप सोच रहे होंगे कि ये कैसा तरीके हुआ। मुँह और आँख धोने से वज़न कम कैसे हो सकता है! पर यह सच है। जब आप सुबह ठन्डे पानी से मुँह और आँखें अच्छी तरह से धो लेते हैं तो भारीपन और आलस कम होता है। इससे आप फुर्तीला और मोटिवेटेड महसूस करते हैं। साथ ही ठन्डे पानी से आँखों को भी फायदा मिलता है। इसका परिणाम यह होता है कि आप पूरा दिन में ज्यादा काम करते हैं और ज्यादा ऊर्जा खर्च करते हैं। अंततः यह वज़न कम करने में सहायक सिद्ध होता है।

 

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  1. मंत्रोच्चारण या प्रार्थना

मंत्रोच्चारण या प्रार्थना तेजी से बोल कर करने से यह हल्के व्यायाम के बराबर लाभ देती है। इससे मानसिक शान्ति भी मिलती है, तनाव कम होता है और फाइनली आपका वज़न कम होने लगता है। सरल है ना?

  1. दुग्ध-निर्मित वस्तुओं का सेवन कम करें

दूध से बनी कोई भी सामग्री प्रोटीन और अन्य पोषक तत्वों का भण्डार होती है। वज़न घटाने के लिए ऐसे सभी चीजें को कम मात्रा में खाएं या पिएं।

  1. ब्रह्म मुहूर्त में जगकर आसन/प्राणायाम/योग/व्यायाम करें

सुबह जल्दी जागने से आपको अपेक्षाकृत अधिक स्वच्छ हवा में स्वांस सांस लेने का मौका मिलता है जिससे कई बीमारियां खुद ही दूर हो जाती हैं। उसके बाद, आपके पास समय भी ज्यादा रहता है तो आप आराम से योग, व्यायाम, प्राणायाम इत्यादि कर पाएंगे जिससे निश्चित ही स्वास्थ लाभ मिलेगा।

  1. वज़न कम करने वाले आयुर्वेदिक पेय

कुछ आयुर्वेदिक पेय, जिनसे आप निश्चित रूप से वज़न कम कर पाएंगे, नीचे सूचीबद्ध हैं –

  • नींबू पानी और शहद
  • ग्रीन टी
  • आंवला जूस
  • एलोवेरा जूस
  1. उपवास रखें

उपवास का असली कारण आस्था नहीं हैं। आयुर्वेद के अनुसार यदि हम रोज तामसी भोजन करेंगे तो हमारा शरीर जल्द ही चर्बी इकट्ठी करने लगेगा। उससे बचने के लिए, कुछ दिन उपवास या व्रत का प्रावधान बनाया गया  है। यदि आप महीने में एक या दो दिन उपवास करते हैं, तो आपका पाचन तंत्र बेहतर हो जाएगा और वज़न भी कम होने लगेगा।

  1. खाना चबा कर खायें

खाना नहीं पचेगा तो आपका पाचन तंत्र खराब हो जाएगा। और पाचन क्रिया बिगड़ने से आप खुद ही मोटे होने लगेंगे। इससे बचने के लिए खाने को अच्छे से चबा कर खाएं। आयुर्वेद के अनुसार हमको खाने को कम से कम 32 बार चबाना चाहिए। अगर आपके लिए यह कठिन है तो 20 बार ही चबा लें।

  1. स्थान व मौसम के अनुरूप खाएं

कुछ फल और सब्जियां एक मौसम में फायदेमंद साबित होते हैं, वहीं दूसरे मौसम में नुकसान देते हैं। ऐसे ही ठंडी जगहों पर गर्म तासीर वाले भोज्य पदार्थ और गर्म  जगहों पर ठंडी तासीर वाले भोज्य पदार्थ खाने चाहिए। मौसमी फल और सब्जी खाने से स्वाथ्य संतुलित रहता है और साथ ही वज़न भी कम हो जाता है।

  1. शाम की डाइट

शाम को कम से कम खाना खाएं और खाने के बाद ध्यान से टहल लें। आपके शाम के खाने में नॉन-वेज या और ऐसे ही देर में पचने वाली चीजें नहीं होनी चाहिए। सोने से कम से कम दो घंटे पहले सुगमता से पचने वाली चीजें खाएं।

  1. स्नैक्स से दूर रहें

बीच-बीच में जंक फ़ूड या स्नैक्स खाने की आदत छोड़ दें। इससे हमारे शरीर को खाना पचाने का समय ठीक से नहीं मिल पाता और बिना पचा खाना चर्बी के रूप में पेट के इर्द-गिर्द जमा होने लगता है। कोशिश करें कि आप तीन बार ही ठीक से खाएं और अगर फिर भी भूख लगे तो जल्दी पचने वाली चीजें ही खाएं।

  1. एलोवेरा (Aloevera)

एलोवेरा सिर्फ त्वचा के लिए ही फायदेमंद नहीं होता बल्कि वज़न भी कम करता है। आप सीधे पौधे से तोड़ कर इसके गूदे को खा सकते हैं या फिर एलोवेरा जूस खरीद कर पी सकते हैं। यह एक बहुत ही अच्छी आयुर्वेदिक औषधि है।

  1. त्रिफला

त्रिफला में वात, पित्त और कफ़ को संयमित करने का गुण होता है, जिससे यह कई विकारों में लाभदायक साबित होता है। इससे वज़न भी नियंत्रित रहता है क्योंकि यह पाचन और स्वास्थ्य दोनों चीजों का ख्याल रखता है।

  1. अदरक (Ginger)

जिंजर या अदरक एक उपयोगी आयुर्वेदिक औषधि है। इसमें से निकलने वाला रस पाचक होता है और जुकाम में भी फायदा करता है। तो दोनों ही तरीके से ये वज़न करने में आपकी मदद करेगा।

  1. चीनी, नमक और मैदा – इनके अत्यधिक सेवन से बचें

कोलोस्ट्रोल, शुगर और वसा कुछ वज़न बढ़ाने वाले तत्व हैं तो चीनी, आलू, मैदा जैसी चीजें खाने से तो आपका वज़न बढ़ना तय ही है। वहीं ज्यादा नमक का सेवन हार्मोनल बैलेंस बिगाड़ता है जिससे कि आपकी भूख बढ़ जाती है। तो याद रहे, चीनी, मैदा और नमक तीनों ही चीजें सीमित मात्रा में खाएं।

  1. जीरा, धनिया और सौंफ का मिश्रण

इस मिश्रण का सेवन करने से पाचक रस बनते हैं जो कि पतला होने में आपकी मदद करते हैं। जीरा, धनिया और सौंफ गर्म पानी में मिलकर आयुर्वेद चाय बन जाती है। इसे रोज पीने से आपका वज़न जरूर ही कम हो जाएगा।

  1. शहद के साथ इलायची पाउडर

शहद में इलाइची पाउडर मिला कर उसको रोज सुबह एक चम्मच खाइये। इससे आपकी खाना पचाने की क्षमता बढ़ जाएगी और आप जल्दी वज़न कम कर पाएंगे।

  1. पाचक गुणों वाली आयुर्वेदिक चाय

ऊपर कुछ लाभदायक पेयों के बारे में पहले ही बताया जा चुका है। पर इसके अलावा भी कई आयुर्वेदिक चाय, जैसे कि तुलसी की काली चाय, नींबू की चाय, अदरक की चाय, मिंट की चाय और विभन्न प्रकार के फूलों की चाय आपको फिट और पतला बना सकती हैं । रोज सुबह और शाम एक-एक कप कोई भी चाय पी लीजिये।

  1. गरम पानी पीएं

गरम पानी चर्बी और कफ़ दोनों को ही कम करता है। आयुर्वेद के अनुसार तो हमें हमेशा ही गर्म पानी ही पीना चाहिए।

  1. काली मिर्च

काली मिर्च भोजन, जूस, फल या चाय का स्वाद तो बढ़ाती ही है, साथ ही वज़न भी तेजी से घटाती है। तो आज से ही हम खाने-पीने की वस्तु में थोड़ी-थोड़ी काली मिर्च लेना शुरू कर दीजिये।

वज़न घटाने के ३० आयुर्वेदिक उपाय या 30 Ayurvedic Tips for Weight Loss in Hindi पढ़ने के बाद यदि आप इनमें से कुछ का भी ठीक से अनुसरण करेंगे तो फायदा होना निश्चित है। अकेले लाभ लेने की जगह इस आर्टिकल को अधिक से अधिक शेयर करें ताकि बाकी लोग भी आपको धन्यवाद कह सकें।

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